ईद की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं कि अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। शहर में पानी भरने का डर, नमाजियों की परेशानी, और नवरात्रों में मंदिरों में आने वाले भक्तों की भीड़ – सब कुछ दिमाग में था। लेकिन नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल रुके नहीं। उन्होंने बिना एक पल गंवाए औचक निरीक्षण का फैसला किया।
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तेज बारिश हो रही थी, पानी बरस रहा था, लेकिन IAS अधिकारी दिव्यांशु पटेल ने छाता-कोट कुछ नहीं देखा। पूरी नगर निगम की भारी-भरकम टीम के साथ वो पहले ईदगाह पहुंचे, फिर जामा मस्जिद का जायजा लिया। वहां नमाजियों के लिए पानी न भरे, सफाई सही हो, और कोई असुविधा न हो – हर चीज का बारीकी से मुआयना किया। उसके बाद नजर नवरात्रों पर गई। मंदिरों में भक्तों की भीड़ को देखते हुए काली मंदिर का भी दौरा किया। बारिश के बावजूद सड़कों पर उतरकर खुद चेक किया कि कहीं जलभराव तो नहीं, ड्रेनेज सिस्टम काम कर रहा है या नहीं।

बारिश में भीगते हुए अफसर को देख स्थानीय लोग दंग रह गए। एक IAS अधिकारी को इस तरह आम लोगों के बीच, बिना किसी दिखावे के काम करते देखकर सबकी तारीफें हो रही थीं। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने टीम को सख्त निर्देश दिए। “बारिश हो या कुछ भी, ईद पर नमाजियों को और नवरात्रों में देवी भक्तों को किसी भी कीमत पर कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। सतर्क रहो, तैयारियां पुख्ता रखो, और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा!”

उनका मकसद साफ था – चाहे मौसम कैसा भी हो, त्योहारों के दौरान शहरवासियों को कोई दिक्कत न आए। बारिश की चिंता किए बिना सड़कों पर उतरना और अधिकारियों को चेतावनी देना – ये दिखाता है कि असली प्रशासनिक अधिकारी कैसे फील्ड में रहकर काम करते हैं।
Author: Deep chandra Joshi
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